अंकिता मामले में सीपीएम का हमला: सीबीआई जांच को बताया अपर्याप्त, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और वीआईपी गिरफ्तार करने की मांग

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा कि हालांकि जनदबाब में राज्य की भाजपा सरकार द्वारा सीबीआई जांच का फैसला लिया जो कि अंकिता के लिऐ न्याय रास्ता नहीं खोलता यह तो सरकार द्वारा जन दबाव में लिया गया फैसला मात्र है ।अंकिता मामले जबतक वीआईपी जो कि भाजपा के प्रमुख पदों पर आज भी आसीन‌ हैं,को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा जाता जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में नहीं होता तब तक न्याय की गारन्टी नहीं क्योंकि शुरू से सरकार ,पुलिस व सरकारी जांच एजेंसियां लीपापोती में लिप्त रहीं है ।पार्टी ने कहा कि अंकिता न्याय के लिऐहर सम्भव लड़ाई लडे़गी तथा इसके लिये व्यापक वाम एवं जनतान्त्रिक एकता कायम करेगी ।

उक्त आशय का निर्णय पार्टी राज्यसचिवमण्डल की बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता कामरेड शिवप्रसाद देवली ने किया ।बैठक में राज्य में साम्प्रदायिक एवं असामाजिक तत्वों द्वारा अल्पसंख्यकों एवं समाजसेवियों पर हमले जिसका ताजा उदाहरण है लोहिया नगर की नसरीन तथा समाजसेवी दीप्ति रावत बिष्ट है ,पार्टी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिऐ एसएसपी देहरादून को संयुक्त ज्ञापन देगी ।पार्टी नै अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों एवं मजारों पर हमले की निन्दा की तथा एलिबैटैड रोड तथा अतिक्रमण कै नाम पर गरीबों कै उत्पीड़न का कड़ा बिरोध किया है ।

पार्टी मनरेगा का नाम बदलने तथा इसै प्रवाहहीन बनाने का विरोध किया ।राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था का विरोध किया ।इस‌अवसर पर केन्द्रीय कमेटी सदस्य राजेन्द्र सिंह नैगी,राज्य सचिव राजेन्द्र पुरोहित, महैन्द जखमोला, अनन्त आकाश ,लेखराज ,सुरेन्द्रसिंह सजवाण ,माला गुरूंग ,नितिन मलैठा आदि ने विचार व्यक्त किये ।

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