सिटी बस यूनियन द्वारा लैंसडौन चौक परेड ग्राउंड में परिवहन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया गया जिसमें आरोप लगाया गया की परिवहन विभाग माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रहा है (1) माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा याचिका संख्या 725/ 2025 दिनांक 3 सितंबर 2025 के अपने आदेश में कहा है
कि जिस वाहन में सिंगल दरवाजा है उस वाहन के परमिटों का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा और जिन वाहनों को पहले परमिट दिया गया है उनकी वैधता पर निर्णय अंतिम सुनवाई के समय होगा
लेकिन आरटीओ देहरादून द्वारा वर्तमान में परमिटों का नवीनीकरण किया जा रहा है जो कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना है
(2) माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 23 सितंबर 2025 के अपने आदेश में भी कंडक्टर की परिभाषा को परिभाषित किया गया है कंडक्टर की परिभाषा यह है की कंडक्टर यात्रियों से किराया वसूलने के साथ उनके प्रवेश और निकास द्वार से यात्रियों को रेगुलेट करने का कार्य करेगा
जबकि इस टाटा मैजिक वाहन में ना तो कंडक्टर के लिए बैठने का स्थान है और ना ही खड़े होकर यात्रियों को प्रवेश एवं निकास द्वार में यात्रियों को रेगुलेट कर सकता है
(3) परिवहन विभाग द्वारा 8 से 10 सीटर टाटा मैजिक वाहन/ओमनी बस को सिटी बस बनाकर स्टेज कैरिज बस परमिट दिया गया
जबकि केंद्रीय मोटरयान अधिनियम 1989 के 125 सी में बस बॉडी कोड 052 के अनुसार 13 सीटर बस से ही बस बॉडी कोड लागू होता है
(4) आरटीओ देहरादून द्वारा 8 से 10 सीटर टाटा मैजिक वाहन को पहले मैक्सी कैब का परमिट दिया गया बाद में यह कहते हुए की त्रुटि हो गई है मैक्सी कैब को ओमनी बस बना दिया गया
तो क्या मैक्सी कैब से ओमनी बस बनाने से यह सिटी बस बन जायेगी।
इतनी सब कमियां होने के बाद भी इस टाटा मैजिक वाहनों को परिवहन विभाग संरक्षण दे रहा है तो कहीं ना कहीं इसमें बड़े पैमाने पर घूस खाई गई है
इसलिए हमारे द्वारा माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार से निवेदन किया गया है कि परिवहन विभाग के अति विचित्र कार्यों की एसआईटी या विजिलेंस से जांच कराई जाए जिससे प्रदेश की खराब हो रही छवि को धूमिल होने से बचाया बचाया जा सके।