उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की महिलाओं को लेकर दिया गया बयान अत्यंत शर्मनाक, अमानवीय और निंदनीय है।
“20–25 हजार में बिहार से लड़की खरीद लो” जैसी भाषा न सिर्फ़ महिलाओं के सम्मान पर हमला है, बल्कि यह महिलाओं को वस्तु मानने वाली घृणित और अपराधी सोच को उजागर करती है।
यह कोई साधारण या निजी बयान नहीं है, बल्कि सत्ता से जुड़े व्यक्ति की उस मानसिकता का प्रतिबिंब है, जिसे किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इससे बिहार की करोड़ों महिलाओं का अपमान हुआ है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि —इस पूरे प्रकरण पर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व क्यों चुप है?
महिलाओं की खरीद-बिक्री जैसी भाषा कानूनन अपराध की श्रेणी में आती है। ऐसे बयान देने वाले व्यक्ति के खिलाफ तत्काल सख़्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि महिला सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
बिहार की महिलाएं किसी की जागीर नहीं हैं,
वे सम्मान, स्वाभिमान और संघर्ष की प्रतीक हैं।
यदि ऐसे बयानों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह चुप्पी भी अपराध मानी जाएगी।