उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या को तीन साल होने को हैं, लेकिन धामी सरकार आज भी हत्यारों के साथ खड़ी दिखाई देती है, पीड़िता के साथ नहीं। इसी सरकारी संरक्षण, सत्ता की चुप्पी और न्याय की हत्या के खिलाफ आज कांग्रेस के युवा नेता रितेश छेत्री के नेतृत्व में यमुना कॉलोनी चौराहे पर धामी सरकार का पुतला दहन किया गया।
पुतला दहन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी के आवास का घिराव कर यह साफ संदेश दिया कि —
जो सत्ता में बैठकर चुप है, वह भी इस अपराध में बराबर की भागीदार है।
इस अवसर पर रितेश ने कहा कि आज सवाल सीधे और कठोर हैं
आखिर किसके आदेश पर वीआईपी रिज़ॉर्ट को रातों-रात बुलडोज़र से मिटाया गया?
किसके इशारे पर सबूत जलाए गए, गवाह डराए गए और जांच को भटकाया गया?
क्या धामी सरकार बताएगी कि सत्ता से जुड़े किन चेहरों को बचाने के लिए अंकिता के न्याय की बलि दी गई?
कांग्रेस नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का नैतिक दायित्व था कि वे इस हत्याकांड पर सरकार से जवाब मांगतीं, लेकिन उन्होंने भी राजनीतिक चुप्पी को चुना। यह चुप्पी आज जनता के आक्रोश में बदल चुकी है।
दसोनी ने पूछा कि जब सत्र न्यायालय में वीआईपी का जिक्र है तो फिर अचानक वी आई पी पर धामी सरकार मौन क्यों हो गई है, उसने जानने की कोशिश क्यों नहीं करी कि अंकिता की वॉट्सएप बातचीत में जब किसी वीआईपी का जिक्र है तो फिर वह आखिर कौन है?
पुतला दहन में मौजूद वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय शर्मा ने कहा धामी सरकार का पूरा शासनकाल यह साबित करता है कि
यह सरकार बेटियों की नहीं, अपराधियों की सरकार है।
पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा ने कहा कि
जब-जब भाजपा सत्ता में आई है, तब-तब अपराधियों को संरक्षण और पीड़ितों को सिर्फ आश्वासन मिले हैं।
वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्पष्ट ऐलान करती है
जब तक अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा,
जब तक साजिश में शामिल हर प्रभावशाली चेहरा जेल के भीतर नहीं जाएगा,
तब तक यह आंदोलन और उग्र, और व्यापक और और निर्णायक होगा।
धामी सरकार याद रखे —
इतिहास माफ नहीं करता, और जनता भूलती नहीं।
कार्यक्रम में
लोकसेवा आयोग के पूर्व सदस्य
संजय शर्मा ,नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी,
पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा,पार्षद
कोमल वोहरा
संगीता गुप्ता
जगदीश धीमान
राज कुमार जायसवाल राम कुमार थपलियाल
दिनेश कौशल
प्रदीप जोशी
राम भगेल
प्रीतम सिंह आर्य
टीटू त्यागी
पीयूष जोशी प्रियांशु गौड़ वंश कुमार समीर कुमार कृष्ण ऋतिक माही लक्ष्य कुमार रहमान इत्यादि मौजूद थे।