नितनेम उपरांत हज़ूरी रागी भाई नरेंद्र सिंह जी द्वारा आसा दी वार का शब्द गायन, श्री अखंड पाठ साहिब के भोग संपन्न

भाई शमशेर सिंह जी हैंड ग्रंथी ने कहा कि माघि के महीने जो लोग रोजाना गुरु की संगत करते हैं उन्हें तीर्थ के स्नान का फल मिलता है संगत करने वाले ही प्रभु का जपते और जपाते है, कार्यक्रम में विशेष रूप से गुरुद्वारा साहिब जी के हजूरी रागी जत्थे भाई सोहन सिंह जी ने ‘पूता माता की आसीस निमख न बिसरउ तुम कउ हरि हरि सदा भजहु जगदीस’का शब्द गायन किया।आज संग्राद के पवित्र दिन पर गुरुद्वारा साहिब जी की पुरानी इमारत का नवीकरण का कार्य संगतों एवं प्रबंधक कमेटियों के सहयोग से आरंभ किया गया गुरुद्वारा साहिब की बिल्डिंग लंगर हाल वह रहाशी कमरों को पूर्ण रूप से बनाने का कार्य जयकारों की गुजों के साथ प्रारंभ किया गया इलाके की संगत में बहुत ही हर्ष व उत्साह है सभी ने इस शुभ कार्य में अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
प्रधान, गुरबख्श सिंह राजन जी व जनरल सेक्रेटरी गुलज़ार सिंह जी द्वारा संगतों को माघि महीने की संग्राद की बधाई दी व प्रबंधक कमेटी ने श्री अर्चित डाबर जी को उनके सहयोग के लिए शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

गुरु के लंगर में सेवा के लिए सरदार मनजीत सिंह जी, सरदार प्रीतम सिंह जी, सरदार दविंदर सिंह सहदेव जी, श्री तिलकराज कालरा जी को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया ।
हैंड ग्रंथी भाई शमशेर सिंह जी ने सरबत के भले के लिए अरदास की, मंच का संचालन करते हुए स. दविंद्र सिंह ने संगतो से करसेवा में अपना सहयोग देने की बेनती की, कार्यक्रम के पश्चात संगत ने गुरु का लंगर व प्रशाद ग्रहण किया ।
इस अवसर पर सरदार गुरबख्श सिंह जी राजन अध्यक्ष, गुलज़ार सिंह महासचिव, चरणजीत सिंह उपाध्यक्ष, गुरप्रीत सिंह जौली, दविंद्र सिंह भसीन, तिलक राज कालरा, दविंदर सिंह सहदेव, हरचरण सिंह, गुरदयाल सिंह, गुरनाम सिंह, अविनाश सिंह, अरविंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।।

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