आज दिनांक 14-जनवरी को उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा शहीद स्मारक राज्य मॆं बढ़ते स्थाई निवास के लगातार घपले बढ़ने के कारण चिन्ता व्यक्त कर बैठक आहूत की गई।
प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी व हरी सिंह मेहर ने कहा क़ि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच वर्ष 2005 से ही लगातार सरकार से मांग करता आया हैं क़ि प्रदेश मॆं राजस्व विभाग से कई लोग फर्जीवाड़ा कर स्थाई निवास बनाकर रोजगार मॆं निहित हो गये और ऐसे ही फर्जी राशनकार्ड बना दिये गये। इससे प्रदेशवासियों के रोजगार व अधिकारों का हनन होता आ रहा हैं। प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती एवं सत्या पोखरियाल के साथ गणेश डंगवाल ने कहा क़ि हमारी मांग को माननीय मुख्यमन्त्री जी ने देर से सही लेकिन सही कदम उठाया।
उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने आज की बैठक मॆं प्रस्ताव पास किया क़ि दिनांक 24-जनवरी को उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमन्त्री को ज्ञापन प्रेषित किया जायेगा। ज्ञापन मॆं मांग होंगी क़ि प्रदेश बनने के बाद विशेषकर तराई के जिलों मॆं वर्षवार 2001 से सभी स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की गहन जांच की जायं ताकि फर्जी प्रमाण पत्र वाले जो रोजगार या अन्य लाभ मॆं डाका डालने का कार्य कर रहें हैं वो बेनकाब हो साथ ही इस कार्य मॆं लिप्त कर्मचारियों की गोपनीय जांच कर तत्काल नौकरी से बर्खास्त किया जायं अन्यथा हम जगह जगह तहसीलों का घिराव करेंगे।
बैठक का संचालन पूरण सिंह लिंगवाल द्वारा की गई एवं अध्यक्षता पुष्पलता सिलमाणा जी ने की। बैठक मॆं सलाहकार अधिवक्ता पृथ्वी सिंह नेगी , जगमोहन सिंह नेगी , पुष्पलता सिलमाणा , सत्या पोखरियाल , अरुणा थपलियाल , रामेश्वरी नेगी , यशोदा रावत , पुष्पा रावत , दुर्गा ध्यानी , रेखा पंत , पूरण सिंह लिंगवाल , सुरेश नेगी , हरी सिंह , गणेश डंगवाल , सुशील विरमानी , प्रदीप कुकरेती , चन्द्रकिरण राणा , विक्रम राणा , विनोद असवाल , देवेश्वर काला , गौरव खंडूड़ी , सतेन्द्र नौगाँई , मनोज नौटियाल , विरेन्द्र सिंह रावत , प्रभात डण्डरियाल , मोहन खत्री , उमेश चन्द रमोला , दुर्गा बहादुर क्षेत्री , नरेन्द्र नौटियाल आदि रहें।